दुनिया में एकमात्र ऐसा मंदिर “श्री दुर्गाचालीसा अखण्ड पाठ मंदिर” है जहां 15 अप्रैल 1997 से अनवरत अनंतकाल के लिए श्री दुर्गा चलीसा का अखण्ड पाठ चल रहा है।

वैसे तो माता आदिशक्ति जगत जननी माँ दुर्गा जी के कई सारे मंदिर शक्तिपीठ के रूप में हैं जहाँ भक्त नियमित रूप से श्री दुर्गाचालीसा का पाठ करते हैं और माता आदिशक्ति जगतजननी माँ दुर्गा जी का आशीर्वाद और कृपा प्राप्त करते हैं। दुर्गा चालीसा माँ जगतजननी दुर्गा जी की स्तुति करने के लिए 40 चौपाइयों का एक बहुत ही शक्तिशाली और लोकप्रिय संग्रह है, जिसमे माँ भगवती दुर्गा जी की महिमा का वर्णन किया गया है जिसका पाठ भक्तों द्वारा माँ दुर्गा जी का आशीर्वाद प्राप्त करने, बाधाओं को दूर करने और शक्ति व शांति प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

“Shri Durga Chalisa Akhand Paath Mandir” दुनिया में एकमात्र विशेष मंदिर जहाँ “श्री दुर्गाचालीसा का अखण्ड पाठ” निरंतर चलता रहता है, वह है: “पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम” यहाँ पर 15 अप्रैल 1997 से श्री दुर्गाचालीसा का अखण्ड पाठ दिन-रात चौबीसों घंटे, अनंत काल के लिए चल रहा है। यह शक्तिपीठ परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज द्वारा स्थापित किया गया है और यहाँ आने वाले भक्तों के लिए भोजन और रहने की व्यवस्था निःशुल्क रहती है।
श्री दुर्गाचालीसा पाठ मंदिर में लिखा ‘अनंतकाल’ शब्द सद्गुरुदेव परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज की असाधारण क्षमता का बोध कराता है। सन् 1997 में ही विकट परिस्थितियों के बावजूद एकांत स्थान जहां कोई भी साधन सुविधाएं उपलब्ध नहीं थी फिर भी विश्वकल्याण के लिए अखण्ड रूप से अनंतकाल के लिए दुर्गा चालीसा पाठ का अनुष्ठान प्रारंभ कर देना निश्चित ही एक संकल्पवान कर्मयोगी ऋषि के वश की बात हो सकती है।
सिद्धाश्रम धाम की धरा का कण-कण ‘माँ-मय’ बन सके। यहाँ की पुण्य धरा पर शक्तिपीठ की स्थापना के लिए एवं यहाँ आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सदैव ही माँ की कृपा मिल सके, इसलिए परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज द्वारा 15 अप्रैल 1997 को ही एक छप्पर में ही इस दिव्य अनुष्ठान को प्रारंभ कर दिया गया था इसके उपरांत 1 वर्ष के भीतर ही अस्थायी भवन में यह चालीसा पाठ अहर्निश चलता रहा।
स्थायी श्री दुर्गाचालीसा अखण्ड पाठ मंदिर में 11 दिव्य महाशक्तियों की मूर्तियों की प्राणप्रतिष्ठा

शारदीय नवरात्रि पर्व के अतिमहत्वपूर्ण पर्व पर दिनांक 19 अक्टूबर 2023 दिन गुरुवार अश्विन शुक्ल पक्ष की पंचमी को सद्गुरुदेव परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के द्वारा स्थायी एवं भव्य चालीसा भवन में 11 दिव्य महाशक्तियों की मूर्तियों की प्राणप्रतिष्ठा कर यह चालीसा पाठ अब नए और स्थायी मंदिर में कर दिया गया है जिसकी भव्यता और दिव्यता अत्यंत ही विशेष है। यहाँ आकर दर्शन करने मात्र से लोग मंत्रमुग्ध हो जाते हैं एवं भावविभोर होकर श्री दुर्गा चालीसा पाठ का सामूहिक रूप से गायन करते हैं।
दुर्गा चालीसा पाठ के शाब्दिक अर्थ हिन्दी में जानने के लिए यहाँ क्लिक करें।
पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम
पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम (Panchjyoti Shaktiteerth Siddhashram Dham), जिसके संस्थापक संचालक परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज जी हैं जिसे गुरुवर श्री के द्वारा शक्तिपीठ के रूप में स्थापित किया जा रहा है जहां पर योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के संरक्षण एवं निर्देशन में इस भव्य मंदिर में 15 अप्रैल 1997 से अनवरत अनंतकाल के लिए श्री दुर्गा चालीसा का अखण्ड पाठ चल रहा है एवं आने वाले समय में ऋषिवर के द्वारा समाज कल्याण के लिए संकल्पित 108 महाशक्ति यज्ञों की शृंखला में शेष 100 महाशक्ति यज्ञ सम्पन्न किए जाएंगे जिसके लिए एक और विशाल महाशक्तियज्ञ मंदिर निर्माणाधीन है।
पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम पहुँच मार्ग
बस मार्ग
प्रयागराज से रीवा, बाणसागर, होते हुये ब्यौहारी, शहडोल मार्ग पर ब्यौहारी से 8 कि.मी. पहले ग्राम मऊ के सामने बने पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम के गेट से 1 कि.मी. अन्दर समधिन नदी के तट पर पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम स्थित है।
ट्रेन मार्ग
मध्यप्रदेश के कटनी (रेलवे जंक्शन) से वाया खन्ना बंजारी, ब्यौहारी, सिंगरौली लाइन पर। ब्यौहारी रेलवे स्टेशन से 10 कि.मी. रीवा रोड पर ग्राम मऊ के सामने बने पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम गेट से 1 कि.मी. अन्दर समधिन नदी के तट पर पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम स्थित है।
इस मंदिर में पहुँचने के लिए नीचे दिए गए गूगल मैप के मध्याम से भी पहुँच सकते हैं:
पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम (Panchjyoti Shaktiteerth Siddhashram Dham) की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि अगर आप या आपके परिवार का कोई भी सदस्य किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों जैसे- शराब, बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, पान-मसाला आदि के सेवन से ग्रसित हैं और नशा छोड़ना चाहते हैं उनसे नशा नहीं छूट रहा है तो यहाँ की ऊर्जा चेतना का लाभ लेकर गुरुवर श्री के आशीर्वाद से बिना किसी दवा आदि का सेवन किए ही घातक से घातक नशा छूट जाता है और वह उन्नति के पथ पर अग्रसर हो जाता है।
यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था निःशुल्क रहती है।
यदि आप इस मंदिर के बारे में और जानकारी चाहते हैं, तो आप वहाँ की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। एवं यूट्यूब पर सिद्धाश्रम धाम सर्च करें।



