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हर काल में आदिशक्ति माँ जगदम्बा की कृपा से ही अधर्म का नाश होता आया है~ श्री शक्तिपुत्र जी महाराज

पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम में परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के द्वारा त्रिदिवसीय शक्ति चेतना जनजागरण ’आत्मोथान शिविर’ का आयोजन किया गया है शिविर का प्रथम दिवस शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि से प्रारंभ हुआ जहां देश विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का समागम हुआ है। इस शिविर के प्रथम दिवस पर परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज ने उपस्थित भक्तों को अपना आशीर्वाद और चेतनात्मक प्रवचन लोक कल्याण हेतु प्रदान किया।
पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम जहां पिछले 28 वर्षों से अनवरत अनंतकाल के लिए श्री दुर्गा चालीसा पाठ चलने वाला शक्तिपीठ के रूप में जाना जाता है एवं यहां आकर लोग श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के आशीर्वाद से लाखों लोग नशे से मुक्त हो चुके हैं जिस वजह से यह शक्तिपीठ देश का सबसे बड़ा नशामुक्ति केंद्र के रूप में भी जाना जाता है।

शक्ति चेतना जनजागरण शिविर

हर वर्ष की भांति शारदीय नवरात्रि के अष्टमी नवमी विजयादशमी के पावन पर्व पर शक्ति चेतना जनजागरण शिवरों का आयोजन किया जाता है इसी श्रृंखला में इस वर्ष भी शक्ति चेतना जनजागरण शिविर का आयोजन किया गया है शिविर का प्रथम दिवस दिनांक 30 सितंबर से प्रारंभ होकर 2 अक्टूबर 2025 तक रहेगा जिसमें योग ध्यान साधना के क्रम के साथ श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के चेतनात्मक प्रवचन सुनने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।

कोई भी इस्लामिक आतंकवाद सनातन को नष्ट नहीं कर सकता है

शिविर के प्रथम दिवस पर योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज ने चेतनात्मक प्रवचन देते हुए कहा कि कोई भी इस्लामिक आतंकवाद सनातन को नष्ट नहीं कर सकता है अब इस धरा पर एक ऐसे शक्तिपीठ की स्थापना हो रही है जो सम्पूर्ण विश्व की धर्मधुरी के रूप में जाना जाएगा। जहां से सत्य धर्म सनातन को दिन प्रतिदिन अपनी ऊर्जा से अभिभूत करता हुआ प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगा। सनातन धर्म के लोगों को संगठित और सचेत होने की आवश्यकता है।

इस्लाम धर्म के लोग ही इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं: आई लव मोहम्मद का पोस्टर लगा कर इस्लाम का अपमान

वर्तमान में देश के कई शहरों में कुछ आतंकवादी और जिहादी मानसिकता के लोगों ने आई लव मोहम्मद के पोस्टर लगाकर देश में धार्मिक उन्माद करने का प्रयास किया है। वह इस तरह के पोस्टर लगाकर स्वयं अपने ही धर्म का अपमान कर रहे हैं। जिस इस्लाम धर्म में बुत की पूजा को हराम कहा गया हो जो इस्लाम धर्म के लोग अपने मस्जिदों के अलावा कहीं सर नहीं झुकाते, सब पोस्टर में आई लव का चित्र लगाकर उसे मोहम्मद पैगंबर बता रहे हैं और उस पोस्टर में सर झुका रहे है जब पुलिस के डंडे पड़ते हैं तब आई लव मोहम्मद के पोस्टर पैरों से कुचलते हुए भागते हैं तब कहां जाता है इनके इस्लाम का सम्मान। ये सब   कायर और नपुंसक है जो जिहादी मानसिकता और आतंकवाद के शिकार हैं देश में अराजकता और दंगा करने की मानसिकता है। सनातन धर्म के लोगों को संगठित और सचेत होने की आवश्यकता है प्रशासन और देश के प्रमुख जिम्मेदार लोगों को इस तरह की आतंकवादी मानसिकता से निपटने की तैयारी बड़े स्तर पर करने की जरूरत है।

लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का समागम हुआ है

इस शिविर में भारत देश सहित नेपाल से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हुआ है एवं हजारों की संख्या में स्वयंसेवी कार्यकर्ता विभिन्न व्यवस्थाओं को संभाल रहे हैं जिससे इस शिविर में इतनी भीड़ होने के बाद भी पुलिस प्रशासन का सहयोग लेने की आवश्यकता नहीं पड़ी है। आपको बता दें कि योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के सभी शिष्य नशे मांसाहार से मुक्त चरित्रवान जीवन जीते हुए जन कल्याण की भावना रखते हैं जो बहुत ही शालीनता से संयमित और साधनात्मक जीवन यापन करते हैं।

सिद्धाश्रम स्थापना दिवस पर होगा अगला शिविर

धर्मसम्राट युगचेतना पुरुष सद्गुरुदेव परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के द्वारा पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम से अन्यत्र देश विदेश में होने वाले शक्ति चेतना जनजागरण शिविरों को अब बंद कर दिया गया है अब आने वाले समय में यह शिविर मात्र पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम में ही आयोजित किए जाएंगे। एवं अगला शक्ति चेतना जनजागरण शिविर सिद्धाश्रम धाम में ही सिद्धाश्रम धाम के स्थापना दिवस के पावन अवसर 23 जनवरी के उपलक्ष्य पर दिनांक 22, 23 जनवरी 2026 को आयोजित होगा। अब इस शिविर में नए भक्तों शिष्यों को गुरुदीक्षा का अवसर प्राप्त होगा।

इसे चमत्कार नहीं कहेंगे, तो क्या कहेंगे?

पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम पर शारदीय नवरात्र को अष्टमी, नवमी, विजयादशमी को आयोजित त्रिदिवसीय शिविर के दौरान भारी वारिश के योग थे। चहुंओर, यहां तक कि सिद्धाश्रम से बाहर तीन-चार किलोमीटर तक बारिश होती रही और इस बारे में मौसम विभाग के द्वारा जानकारी प्रसारित की जा रही थी, मोबाईल ऐप से भी दिखाया जा रहा था कि तेज बारिस हो रही है। आसमानी बिजलियाँ कड़क रही थीं, शीतल हवाएं चल रही थी, लेकिन शिविर के तीन दिनों तक सिद्धाश्रम में बारिस नहीं हुई और यदि बारिस हो जाती, तो विभिन्न व्यवस्थाएं अव्यवस्थित हो सकती थी और देश-देशान्तर से सिद्धाश्रम पहुंचे लाखों भक्तों को परेशानी का सामना करना पड़ता। इसे हम चमत्कार नहीं कहेंगे, तो क्या कहेंगे? विजयादशी को शिविर सम्पन्न होने के बाद दूसरे दिवस तक, जब भक्तगण अपने-अपने गृहक्षेत्रों की ओर चले गए, तब एकादशी तिथि को सिद्धाश्रम में इतनी तेज बारिस हुई कि बादलों ने तीन दिनों की कसर पूरी कर दी। ‘मायापति की माया, वे ही जानें। इस तरह माता आदिशक्ति जगत जननी जगदम्बा की असीम कृपा और ऋषिवर सद्‌गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के आशीर्वाद से चल रहीं शोतल हवाओं, सूर्यरश्मियों और भक्तिमय चेतनातरंगों के आनन्दमय वातावरण में शिविर निर्विघ्न सम्पन्न हुआ।

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